शिमला. हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की.
इसके साथ ही दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की. उन्होंने रक्षा मंत्री से नाहन में सेना और स्थानीय लोगों के मध्य दशकों से चल रहे भूमि संबधी मामले को सुलझाने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए.
12 गांव के लोगों को काफी परेशानी का सामना कर पड़ रहा है
डॉ. राजीव बिन्दल ने केंद्रीय रक्षा मंत्री को अवगत करवाया कि लगभग 45 वर्ष पूर्व भू-व्यवस्था विभाग द्वारा किए गए. बंदोबस्त की त्रुटियों के कारण सेना और स्थानीय लोगों के मध्य भूमि संबंधी विवाद पैदा हो गया था, जिस कारण नाहन शहर के वार्ड नंबर 12 और इसके साथ लगते 12 गांव के लोगों को काफी परेशानी का सामना कर पड़ रहा है.
राज्य एवं केंद्र सरकार के समक्ष उठाया
उन्हांने कहा कि बंदोबस्त की चूक के कारण इस क्षेत्र में रहने वाले सैंकड़ों परिवार प्रभावित हो रहे हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस मामले के समाधान के लिए इसे कई बार राज्य एवं केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है. अभी तक कोई भी सम्माधान नहीं निकल पाया. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर से भी इस बारे विस्तार से चर्चा की गई, जिसके फलस्वरूप रक्षा विभाग द्वारा राज्य सरकार को पत्र भेजकर सूचित किया गया था कि यदि स्थानीय नागरिकों के कब्जे के स्थान पर इतनी ही भूमि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सेना को स्थानान्तरित कर दी जाती हैं तो उस मामले का स्थाई समाधान सुनिश्चित हो सकता है.
डॉ. बिंदल ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि पूर्व में रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुरूप इस मामलें को और गति प्रदान करने के साथ-साथ शीघ्र कार्यवाही की जाए. उन्हांने प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए सेना के साथ भूमि विवाद के कारण नाहन नगर परिषद के वार्ड नंबर 12 तथा साथ लगते कुल 12 गांव जाब्बल का बाग, जलापडी, रामकुण्डी, सिम्बलवाला, रोड़ावाली, लाडली, गाडडा धारक्यारी, बुब्बीधार, बिक्रम कैंसल, मझौली, कोटडी, गदपेडला तथा भलगों गावों के लोग प्रभावित हो रहे है। उन्होने रक्षा मंत्री को अवगत करवाया कि भूमि विवाद कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन पांच किलोमीटर लंबी बनोग-जाबल का बाग का निर्माण कार्य भी अवरूद्ध पड़ा है.