कुल्लू. बंजार के युवाओं को अध्ययन के लिए अच्छा माहौल प्रदान करने के लिए सराहनीय काम हुआ है. एसडीएम एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2015 बैच के अधिकारी अपूर्व देवगन ने बंजार जैसे छोटे से कस्बे में एक सार्वजनिक पुस्तकालय खोला है. फिलहाल एसडीएम कार्यालय के रेवेन्यू हट के दो कमरों में खोली गई इस लाइब्रेरी को ‘अपना पुस्तकालय’ नाम दिया गया है और इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. पाठकों को अपनेपन और जिम्मेदारी का अहसास दिलाने के उददेश्य से इसे ‘अपना पुस्तकालय’ नाम दिया गया है.
पुस्तकालय के रूप में एक अनमोल तोहफा
एसडीएम अपूर्व देवगन ने बताया कि आइएएस की परीक्षा की तैयारियों के दौरान उन्हें विभिन्न सार्वजनिक पुस्कालयों के माध्यम से बहुत ही बहुमूल्य मदद मिली थी. कुछ माह पूर्व बंजार में एसडीएम के पद का कार्यभार संभालने के बाद जब वह स्थानीय युवाओं, विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों से मिले तो उन्हें यहां एक अच्छे पुस्तकालय की आवश्यकता महसूस हुई. अपूर्व देवगन ने बताया कि कि विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे बंजार के युवाओं के उत्साह व उत्सुकता को देखते हुए उन्होंने यहां के युवाओं को पुस्तकालय के रूप में एक अनमोल तोहफा देने का निर्णय लिया और इसके लिए एक व्यापक मुहिम छेड़ी.
एक लाइब्रेरी का सपना साकार हो गया
स्थानीय बुद्धिजीवियों के अलावा उन्होंने फेसबुक, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से भी फंड जुटाना शुरू कर दिया है. अपने मित्रों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों से व्यक्तिगत रूप से आगे आने का अपील की है.
कई आइएएस, आइएफएस, एचएएस अधिकारियों, डॉक्टरों और अन्य उच्च अधिकारियों ने योगदान दिया. कई लोगों ने अपनी नई-पुरानी किताबें भी दान में दीं. कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन राजीव शर्मा ने नई किताबें और फर्नीचर का प्रबंध करने का प्रण लिया. देखते ही देखते बंजार जैसी छोटी सी जगह में एक लाइब्रेरी का सपना साकार हो गया.

एसडीएम ने बताया कि ‘अपना पुस्तकालय’ में पाठकों के लिए बैठने की अच्छी व्यवस्था की गई है. यहां जिला पुस्तकालय की तरह जमीन पर बैठकर पढ़ने के लिए भी विशेष प्रबंध किया जा रहा है, इसमें विभिन्न समाचार पत्रों व पत्रिकाओं के अलावा स्कूल-कालेज के पाठ्यक्रमों, साहित्य, अन्य विधाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें व पाठ्य सामग्री जुटाई गई हैं.
जो योगदान देना चाहें उनका स्वागत
‘अपना पुस्तकालय’ का सदस्यता शुल्क बहुत ही कम रखा गया है. विद्यार्थियों के लिए 150 रुपये वार्षिक सदस्यता शुल्क रखा गया है, जबकि आम नागरिकों के लिए 300 रुपये वार्षिक निर्धारित किए गए हैं. आजीवन सदस्यता शुल्क 2000 रुपये रखा गया है. सदस्यता फार्म तहसील कार्यालय बंजार से प्राप्त किया जा सकता है. पुस्तकालय के बेहतर संचालन के लिए प्रबंधन समिति का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस पुस्तकालय के लिए किसी न किसी रूप में योगदान देना चाहता है तो उनका स्वागत है.