शिमला. हिमाचल सरकार द्वारा वाटर सैस लगाए जाने के बाद पड़ोसी राज्य के साथ उपजे विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने आज चंडीगढ़ में पंजाब के CM भगवंत मान से मुलाकात की. दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच हिमाचल सरकार की ओर से वाटर सेस लगाने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. इस दौरान आनंदपुर साहिब से नयनादेवी रोप-वे प्रोजेक्ट, BBMB में हिमाचल की लंबित हिस्सेदारी के भुगतान और देश में उपजे राजनीतिक हालात को लेकर चर्चा की.

चीफ सेक्रेटरी लेवल पर कमेटी होगी गठित
पंजाब CM से मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उन्होंने भगवंत मान के आग्रह पर वाटर सैस मामले की स्टडी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है. इसके लिए पंजाब के पावर मिनिस्टर और सेक्रेटरी हिमाचल भी आएंगे और देखेंगे. उन्होंने कहा कि कम्युनिकेशन गैप के कारण वाटर सैस को लेकर कुछ अफवाहें उड़ रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल सरकार ने स्टेट के 177 पावर प्रोजेक्ट पर वाटर सैस लगाया है. पंजाब का हिमाचल में कोई हाइड्रो प्रोजेक्ट नहीं है, लेकिन BBMB प्रोजेक्ट के कारण इशू आया है. उन्होंने फिर से इस बात को दोहराया कि वाटर सैस के कारण पंजाब और हरियाणा पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
रोप-वे को लेकर भी चर्चा
दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री के बीच आनंदपुर साहिब-नयनादेवी रोप-वे और पठानकोट-डलहौजी रोप-वे को लेकर भी चर्चा हुई. दोनों मुख्यमंत्री ने इन प्रोजेक्ट को स्पीड-अप करने को लेकर बातचीत की. सूत्र बताते हैं कि इस दौरान BBMB में हिमाचल की 4400 करोड़ से ज्यादा की देनदारी को लेकर भी चर्चा की गई. CM सुक्खू ने BBMB में हिमाचल देनदारी के भुगतान का आग्रह किया.
सुक्खू ने बताया कि पंजाब के CM से 2024 में सानन प्रोजेक्ट की खत्म हो रही लीज को लेकर भी चर्चा की है. 110 मेगावाट की शानन परियोजना की 99 वर्ष की लीज वर्ष 2024 में समाप्त हो रही है. बैठक में इस परियोजना के भविष्य के कार्यान्वयन के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया.
हिमाचल सराय व सदन चंडीगढ़ में मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं: CM
मुख्यमंत्री सुक्खू के चंडीगढ़ दौरे के दौरान मंगलवार सांय हिमाचल छात्र संघ चंडीगढ़ (हिमसू) की अध्यक्ष मन्नत नैंटा के नेतृत्व में डेलीगेशन ने उनसे भेंट की. डेलीगेशन ने PGI के लिए उपचार को आने वाले मरीजों को हिमाचल सराय भवन सेक्टर 24 और हिमाचल सेवा सदन सेक्टर 25 में आ रहीं परेशानियों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा.
उन्होंने यहां सोलर ग्रिड सिस्टम लगाने, लम्बे समय के लिए रह रहे मरीजों को फीस में छूट देने, कैन्टीन और कमरों के रखरखाव और एयर कंडीशन की सुविधा के साथ मरीजों को भवनों से अस्पताल जाने के लिए नयी सोलर शटल बस एम्बुलेंस सेवा इत्यादि प्रदान करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया. उन्होंने मरीजों को इन भवनों से अस्पताल ले जाने के लिए नई सोलर शटल बस एम्बुलेंस सेवा देने जैसे विभिन्न मुद्दे भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे. इस पर मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया.