नई दिल्ली. गुजरात चुनाव के प्री-इलेक्शन ट्रैकर में कई नई जानकारियां सामने आई हैं. एक राष्ट्रीय चैनल के लिए लोकनीति और सीएसडीएस के सर्वे के दूसरे चरण में पता चला है कि कांग्रेस पहले चरण से मजबूत हुई है हालांकि भाजपा की बढ़त बरकरार है. दोनों ही पार्टियां अपने गढ़ में कमजोर हुई हैं मगर दूसरे के वोटबैंक में इन्होंने सेंधमारी भी की है.
50 विधानसभा क्षेत्रों में 3757 वोटरों पर हुआ सर्वे
लोकनीति-सीएसडीएस ने 50 विधानसभा क्षेत्रों के 200 इलाकों में 3757 वोटरों के बीच यह सर्वे किया. 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक यह सर्वे कराया गया. इसके मुताबिक 182 सदस्यों वाले विधानसभा में बीजेपी को 113 से 121 सीटें मिलने की उम्मीद है जबकि कांग्रेस 58 से 64 सीटाें पर जीत सकती है. शेष सीटाेंं पर अन्य पार्टियों का दावा है.
हालांकि सर्वे के दूसरे चरण में यह भी तथ्य सामने आया कि भाजपा की लोकप्रियता लगभग 12 फीसदी तक नीचे आई है. कांग्रेस को इतना ही फायदा हुआ है. पहले चरण के सर्वे में भाजपा को 59 फीसदी वोट मिलने के संकेत थे, दूसरे चरण में यह वोट प्रतिशत घट कर 47 फीसदी पहुंच गया है.
सर्वे की खास बातें
– सौराष्ट्र और कच्छ में दोनों पार्टियां बराबरी पर हैं. हालांकि उत्तरी गुजरात में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस मजबूत हुई है. पटेलों की नाराजगी इसका कारण माना जा रहा है.
– दक्षिण और मध्य गुजरात में भाजपा मजबूत हुई है, इन इलाकों में कांग्रेस का दबदबा माना जाता था. हालांकि दक्षिण गुजरात में दूसरे चरण के सर्वे में भाजपा को 3 फीसदी वोटों का नुकसान हो रहा है.
– युवाआें में भाजपा का क्रेज घटा है हालांकि शहरी क्षेत्र की 50 फीसदी महिलाएं भाजपा के पक्ष में हैं. जबकि 39 फीसदी महिलाएं कांग्रेस का समर्थन कर रही हैं.
– 40 सीटों वाले मध्य गुजरात में भाजपा आगे है मगर पिछले चरण के सर्वे के मुकाबले इस बार उसे 2 फीसदी वोटों का नुकसान हुआ है. सर्वे के मुताबिक कांग्रेस का 8 फीसदी जनाधार बढ़ा है.
– बुलेट ट्रेन को भी 50 फीसदी जनता ने नकार दिया है. जनता का मानना है कि केंद्र की मोदी सरकार को मौजूदा रेलवे सुविधाओं में ही बढ़ोतरी करनी चाहिए थी.
– गुजरात के क्षेत्रीय नेता हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवानी भी चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे. सर्वे के मुताबिक अपनी कम्युनिटी में तीनों की पैठ और बढ़ी है.