शिमला: 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम, होटलों में कोई कमरा नहीं और उससे भी बुरा ये कि किसी को भी पता नहीं है कि उन्हें कितना इंतजार करना पड़ेगा. ये हालात हैं हिमाचल में मंडी और कुल्लू को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे 200 लोगों के.
रात से जाम में फंसे यात्री
इन लोगों में से ज्यादातर टूरिस्ट हैं. नेशनल हाईवे का ये इलाका रविवार शाम को अचानक आई बाढ़ की वजह से ब्लॉक हो गया है. बताया गया है कि सड़क को रोकने वाले भारी पत्थरों को विस्फोटकों की सहायता से हटाया जा रहा है लेकिन इसमें भी सात से आठ घंटे का वक्त लगेगा. इस बीच वहां फंसे लोगों की हालत बेहद खराब हो रही है.
वहीं एनएच मंडी-पठानकोट मार्ग मूसलाधार बारिश के चलते घटासनी के पास स्वाड़ नाला में मलबा आने से चार घंटे अवरुद्ध रहा. सुबह करीब साढ़े सात बजे यातायात बहाल हो पाया. इस दौरान एनएच के दोनों छोरों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. इससे एनएच में सफर कर रहे यात्रियों को परेशान होना पड़ा. कटिंडी-कमांद-बजौरा वैकल्पिक मार्ग भी शालगी के पास फिर पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है.
यहां लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी तैनात रखी है, बंद मार्ग को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते राहत कार्य प्रभावित हो रहा है. वहीं, मूसलाधार बारिश से द्रंग क्षेत्र के दर्जनों संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं. जहां लोक निर्माण विभाग ने बंद मार्गों को बहाल करने के लिए मशीनरी भेज दी है.
करीब 500 कारें सड़क पर फंसी
जानकारी के मुताबिक इस रास्ते पर करीब 500 कारें फंसी हुई हैं जिन्होंने पूरी रात सड़क पर ही बिताई है. परेशानी ये है कि स्थानीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है.