नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश में चुनावी दंगल चल रहा है इस दंगल में जुमलों से पहलवानी हो रही है. सुभाष पोद्दार की खास पेशकश में देखिये, नेता-लोग किन-किन जुमलों का प्रयोग कर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं.
एक दौर वह भी था
एक दौर था जब इंदिरा गांधी, अटल बिहारी जैसे नेता राजनीति में थे. उस वक्त नेताओं की एक खास छवि हुआ करती थी. उस वक्त नेता अपने प्रतिद्वंद्वियों का बड़ा सम्मान किया करते थे. अच्छी और सधी हुई भाषा का इस्तेमाल करने की मिसाल दी जाये तो सबसे पहले हमारे सामने एक इंसान का नाम आता है, वह हैं अटल बिहारी वाजपेयी. वहीं ठीक उससे उलट आज राजनीति में अभद्र भाषा का प्रयोग करना, जुमलों का जाल बुनना एक फैशन हो चला है.
जुबानी जंग तेज
हिमाचल का चुनाव नजदीक आते ही जुबानी जंग तेज हो गई है. मोदी ने वीरभद्र को बेल पर चल रहे नेता कहा. वहींं वीरभद्र ने भाजपा को बिन दूल्हे की बारात कह दिया था. इसके साथ ही हाल ही में वीरभद्र ने सुखराम के खिलाफ खूब बोला. उन्होंने कहा कि, ‘सुखराम का पूरा परिवार गद्दार है’.
हिमाचल का दंगल
कांग्रेस के नेता सुरजेवाला ने वीरभद्र को सबसे बड़ा पहलवान बताया है और हिमाचल चुनाव को पहलवानी से जोड़ दिया है. भाजपा के मनाली से उम्मीदवार ने तो कांग्रेस के एक नेता को सीधे देख लेने की धमकी दे डाली. वहीं राहुल गांधी मोदी पर निशाना साधते हैं और कहते हैं जीएसटी मतलब गब्बर सिंह टैक्स. वहीं कांग्रेस के हरीश रावत भी मोदी को दिल्ली वाले बाबा कह चुके हैं. हिमाचल में 9 नवंबर को चुनाव होने वाले हैं अब देखना होगा कि ये जुमलेबाजी का दौर कितना आगे तक पहुंचेगा.