काँगड़ा(पालमपुर). हिमाचल प्रदेश में सत्ता सीन कांग्रेस की सरकार ने विकास के बड़े-बड़े दावे किये, लेकिन उन पर खरा उतरने में कहीं न कहीं कामयाब नहीं हो सकी है. क्योंकि प्रदेश सरकार ने आवारां पशुओं से निजात दिलाने के लिए सभी पंचायतों में गो सदन बनाने की घोषणा की थी. लेकिन वह घोषणा सिर्फ घोषणा ही रह गई, उस पर एक पैसे का कार्य आज तक नहीं किया गया है.
पंचायतों में किसी भी तरह का कोई गो सदन नहीं बनाया गया. आवारा पशु आज भी सड़कों में फिर रहे हैं और हादसों को न्योता दे रहे हैं. जबकि जिला कांगड़ा में सिर्फ आइमा पंचायत में गो सदन बनाया गया है और एक गो सदन बनुरी पंचायत में बनाया गया है. इसके अलावा किसी भी पंचायत में कोई गो सदन नहीं बन पाया है. जो की अपने आप में एक सवाल बन कर रह गया है.
आज किसान इन आवारा पशुओं से परेशान है, क्योंकि यह आवारा पशु इन किसानो की फसल की तबाही का सबसे बड़ा कारण बनते हैं और सरकार ने इन आवारा पशुओं से निजात दिलाने का वादा किया था, जो की आज हवा होता नजर आ रहा है.
यही नहीं इसमें पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इस कार्य को जरूरी नहीं समझा और इस पर अमल नहीं किया. अगर पंचायत प्रतिनिधि इस कार्य को करवाना चाहते तो कहीं न कहीं उनको सफलता मिल जाती. लेकिन ऐसा नहीं किया गया है. इस सारे मामले में मात्र कागजी कार्यवाही ही की गई है, जो कि जनता को रास नहीं आ रही है.