घुमारवीं (बिलासपुर). अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्था इकाई जिला बिलासपुर और मंडी के संयुक्त तत्वाधान वह जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग बिलासपुर के सौजन्य से शिव मंदिर धाम पनियाला घुमारवीं में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसमें जिला भर के करीब दो दर्जन प्रख्यात कवियों ने भाग लिया.
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य अतिथि घुमारवीं एसडीएम शशि पाल शर्मा ने दीप प्रज्वलित करके की. इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के भाषा अधिकारी नीलम चंदेल भी विशेष रूप से उपस्थित रही.
इस अवसर पर विभिन्न जिला स्तर के कवियों को सम्मानित भी किया गया. इसके साथ ही भाषा अधिकारी नीलम चंदेल द्वारा अपनी संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए सरकार द्वारा जारी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी. एसडीएम घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने कवियों को सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से संस्कृति तो जिंदा रहेगी ही साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी यह एक पथ प्रदर्शक कार्यक्रम होते हैं.
कवि सम्मेलन में कुलजीत ठाकुर द्वारा घर की आन बान और शान होती है बेटियां पर लोगों ने जमकर ने प्रशंसा की. वहीं विपन्न चंदेल द्वारा यारों लोग मुझसे पूछते हैं क्या होती है कविता , पर अपने विचार रखें. जबकि सम्मेलन में नरेनू राम हितेषी , विवेकानंद , रविंद्र कुमार , रेनू पटियाल , संतोष गर्ग , महेश्वर सिंह आदि ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की तथा उत्कृष्ट प्रस्तुति प्रस्तुत करने वाले कवियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया.